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मंगलवार, 16 जुलाई 2013

कभी कभी


कभी कभी ऐसा भी  होता है 
कि डाकिया नहीं आता 
पर पत्र चला  आता है 
कभी कभी ऐसा भी  होता है 
 कि तुम पत्र नहीं लिखते 
पर हम पढ़ लेते हैं -अक्षरक्शः।
कभी कभी ऐसा भी  होता है 
की लेखनी रुक जाती है 'पर 
गीत आगे बढ़ जाता है ...
कभी कभी ऐसा भी  होता है 
 कि शब्द विद्रोह करने लगते हैं 
पर विचार हौसला नहीं हारते ..
कभी कभी ऐसा भी  होता है 
तुम संकेत देते हो 
और हम जड़ हो जाते हैं 
तुम कुछ कह  देते हो 
तो हम मूक रह जाते हैं 
1980
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